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क्या अब राज उगलेंगी अर्पिता मुखर्जी? चुप रहते-रहते बुरी तरह रोईं, पार्थ चटर्जी भी बदल रहे सुर

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को पार्थ चटर्जी को वाणिज्य और उद्योग सहित कई भारी विभागों के प्रभारी मंत्री के रूप में उनके कर्तव्यों से मुक्त कर दिया।

ममता बनर्जी की सरकार में तीन-तीन विभागों के मंत्री और टीएमसी दिग्गज नेता रहे पार्थ चटर्जी ने कहा है कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी के पैर गिरने से चोटिल हो गए हैं। उन्हें व्हीलचेयर पर अस्पताल के अंदर ले जाते हुए देखा गया है। खबर है कि उन्हें मेडिकल जांच के लिए ले जाया जा रहा था और वहां पहुंचते ही वह रोने लगीं।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को पार्थ चटर्जी को वाणिज्य और उद्योग सहित कई भारी विभागों के प्रभारी मंत्री के रूप में उनके कर्तव्यों से मुक्त कर दिया। इसके अलावा उन्हें पार्टी के सभी पदों से हटा दिया गया और तृणमूल कांग्रेस से निलंबित कर दिया गया है। टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष द्वारा पार्टी से निष्कासन की मांग करने के कुछ घंटे बाद उन्हें हटाया गया।

आपको बता दें कि केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने पार्थ चटर्जी की सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के नाम से विभिन्न घरों से लगभग 50 करोड़ रुपये नकद बरामद किए हैं। ईडी की टीम पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग की सिफारिशों पर सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में ग्रुप सी और डी स्टाफ के साथ-साथ शिक्षकों की भर्ती में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है।

अब तक अर्पिता मुखर्जी के दो घरों की तलाशी ली जा चुकी है। एक की बुधवार को ही तलाशी ली गई थी, जिसमें 29 करोड़ रुपये कैश मिला था। इसके अलावा बड़े पैमाने पर सोना भी बरामद हुआ था।

ईडी सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में अर्पिता मुखर्जी ने बताया है कि बरामद की गई पूरी रकम पार्थ की ही है। यही नहीं अर्पिता का कहना है कि मंत्री उसके घर को मिनी बैंक के तौर पर इस्तेमाल करते थे और पूरी रकम को कमरों में बंद रखा जाता था।

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