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Farm Laws : कृषि कानूनों पर हंगामे की भेंट चढ़ी दोनों सदनों की कार्यवाही, बिना चर्चा के हुई स्थगित

Farm Laws : कृषि कानूनों पर हंगामे की भेंट चढ़ी दोनों सदनों की कार्यवाही, बिना चर्चा के हुई स्थगित

ई दिल्ली. कृषि कानूनों (Farm Laws) को लेकर विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के बाद लोकसभा (Loksabha) की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई. दूसरी पाली में शुरू हुई लोकसभा की कार्यवाही विपक्ष के हंगामे के बाद तीन बार स्थगित की गई. तीसरी बार स्थगन के बाद शुरू हुई निचले सदन की बैठक में विपक्षी दलों ने कृषि कानूनों (Farm Laws) को वापस लेने का नारा लगाए जिसके बाद सदन को बुधवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया. इससे पहले राज्यसभा (Rajyasabha) में भी हंगामे के चलते कई बार सदन स्थगित करना पड़ा.

स्थगन के बाद उच्च सदन की बैठक फिर शुरू होने पर भी विपक्षी सदस्यों का हंगामा जारी रहा और वे नारेबाजी करने लगे. उपसभापति हरिवंश ने एक बार फिर सदन सुचारू रूप से चलने देने की अपील की और सदस्यों से आग्रह किया कि वे कल राष्ट्रपति अभिभाषण पर होने वाली चर्चा में शामिल होकर अपनी बात रखें.लेकिन सदस्यों का हंगामा जारी रहा और उपसभापति ने कुछ क्षणों के अंदर ही कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी.

सांसदों ने तुरंत चर्चा की रखी मांग
राज्यसभा में कांग्रेस के नेतृत्व में विभिन्न विपक्षी दलों के सदस्यों ने मंगलवार को दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसान आंदोलन के मुद्दे पर सदन में तुरंत चर्चा कराने की मांग करते हुए हंगामा किया जिसकी वजह से उच्च सदन की बैठक तीन बार के स्थगन के बाद अंतत: पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई.
सभापति एम वेंकैया नायडू ने सदस्यों से कहा कि वे एक दिन बाद, बुधवार को राष्ट्रपति अभिभाषण पर होने वाली चर्चा में अपनी बात रख सकते हैं. इससे पहले शून्यकाल शुरू होने पर सभापति ने कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा के लिए उन्हें नियम 267 के तहत नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद, तृणमूल कांग्रेस के सुखेंदु शेखर राय, द्रमुक के तिरूचि शिवा, वाम सदस्य ई करीम और विनय विश्वम सहित कई सदस्यों के नोटिस मिले हैं. इस नियम के तहत सदन का सामान्य कामकाज स्थगित कर जरूरी मुद्दे पर चर्चा की जाती है.

सभापति एम वेंकैया नायडू ने सदस्यों से कहा कि वे एक दिन बाद, बुधवार को राष्ट्रपति अभिभाषण पर होने वाली चर्चा में अपनी बात रख सकते हैं. इससे पहले शून्यकाल शुरू होने पर सभापति ने कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा के लिए उन्हें नियम 267 के तहत नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद, तृणमूल कांग्रेस के सुखेंदु शेखर राय, द्रमुक के तिरूचि शिवा, वाम सदस्य ई करीम और विनय विश्वम सहित कई सदस्यों के नोटिस मिले हैं. इस नियम के तहत सदन का सामान्य कामकाज स्थगित कर जरूरी मुद्दे पर चर्चा की जाती है

सभापति ने शून्यकाल में व्यवस्था देते हुए कहा कि इस मुद्दे को कल राष्ट्रपति अभिभाषण पर चर्चा के दौरान उठाया जा सकता है. कुछ विपक्षी दलों के सदस्य नाराजगी जाहिर करते हुए सदन से वाकआउट कर गए.

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दो बार के स्थगन के बाद उच्च सदन की बैठक पुन: शुरू होने पर भी सदन में हंगामा जारी रहा और विभिन्न विपक्षी दलों के सदस्य आसन के समीप आ कर नारेबाजी करने लगे. उपसभापति हरिवंश ने हंगामा कर रहे सदस्यों से अपनी सीटों पर जाने तथा कोविड-19 संबधी दिशानिर्देशों (प्रोटोकॉल) का पालन करने की अपील की.

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