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जादू-टोना के शक में हुई थी गुमला में परिवार के 5 की हत्या, पुलिस ने आठ लोगों को किया गिरफ्तार

जादू-टोना के शक में हुई थी गुमला में परिवार के 5 की हत्या, पुलिस ने आठ लोगों को किया गिरफ्तार

झारखंड में गुमला के कामडारा थाना क्षेत्र अंतर्गत बुरुहातु गांव में मंगलवार की रात एक ही परिवार के 5 सदस्यों की नृंशस हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने गांव के ही आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ कई साक्ष्य भी बरामद किये गये हैं। जिले के पुलिस अधीक्षक हृदीप पी जनार्दन ने शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि एक ही परिवार के सभी लोगों की हत्या का कारण अंधविश्वास है।

उन्होंने बताया कि गांव में कुछ लोगों के बीमार होने को लेकर ग्रामीण मारे गए परिवार पर जादू-टोना का शक कर रहे थे। खून से सना हथौड़ा और धारदार हथियार के अलावा आरोपियों का खून से सना चप्पल भी जब्त किया गया है। पुलिस ने उसी दिन आठ संदिग्ध लोगों को हिरासत में ले लिया था और पूछताछ में उन सभी ने अपने अपराध भी स्वीकार कर लिया है।

वारदात में परिवार की तीन पीढ़ियों को मौत के घाट उतार दिया गया है। मृतकों में निकोदिन टोपनो (60) के अलावा उसकी पत्नी जोसपिना टोपनो (55), बेटा विनसेन्ट टोपनो (35), बहू शीलवंती टोपनो (30) और पांच साल का पोता अल्बिन टोपनो शामिल हैं।

इन लोगों को किया गया गिरफ्तार
पुलिस ने जिन्हें गिरफ्तार किया है उनकी पहचान सुनील टोपनो, सोमा टोपनो, सलीम टोपनो, फिरंगी टोपनो, फिलिप टोपनो, अमृत टोपनो, सावन टोपनो और डानियल टोपनो के रूप में हुई है।

स्पेशल टीम का किया गया था गठन
वारदात के बाद पुलिस ने स्पेशल टीम का गठन किया था। जांच कमेटी ने पाया कि गांव में कुछ लोगों की बीमारी के बाद मौत हो गई थी। ग्रामीणों का मानना था कि जादू-टोना के चक्कर में इन लोगों की तबीयत खराब हुई और मौत हो गई। गांव वालों को शक था कि निकोदिन टोपनो और उसकी पत्नी ने जादू-टोना किया है।

वारदात से कुछ घंटे पहले हुई बैठक
गांव के फुटबाल मैदान में 23 फरवरी को वारदात से कुछ घंटे पहले करीब 70-80 ग्रामीणों ने बैठक की। बैठक में निकोदिन टोपनो और उसकी पत्नी की हत्या का फैसला लिया गया। बैठक में जुटे आठ लोगों ने उसी रात निकोदिन के घर पर लाठी-डंडे और धारदार हथियारों के साथ हमला बोल दिया। सभी जबरिया निकोदिन के घर में घुसे और सबसे पहले पति-पत्नी की हत्या कर दी। हत्यारों ने सोचा कि बेटे, बहू और पोते छोड़ा गया तो पुलिस को बता देंगे। इसके बाद उन तीनों की भी हत्या कर दी गई।

राज्य में दो दशक में 575 लोगों की इस तरह हत्या
एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार झारखंड में 2001 से 2019 के बीच 575 महिलाओं को अंधविश्वास और इस तरह के आरोपों के बाद मारा जा चुका है।  राज्य में अब तक सबसे ज्यादा 54 मामले 2013 में हुए थे। इसके अलावा 2008 में 52 2007 में 50 लोगों को मारा गया था। हालांकि 2014 के बाद इस तरह की हत्याओं में कमी दर्ज की गई है। 2014 में 47 महिलाओं की हत्या हुई थी। 2015 में 32, 2016 में 27, 2017 में 19, 2018 में 18 और 2019 में 15 महिलाओं की इस तरह से हत्या हुई थी।

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