Headlinesझारखंड

झारखंड में 11 सितंबर से भारी बारिश की संभावना, सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में दिखेगा ज्यादा असर : मौसम विभाग

रांची मौसम विज्ञान केंद्र के प्रभारी अभिषेक आनंद ने बताया कि पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बना है। अगले 48 घंटों के दौरान इसके और अधिक चिह्नित होने की संभावना है।

बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण झारखंड में 11 सितंबर से एक बार फिर भारी बारिश हो सकती है। 1 जून से शुरू होने वाले पूरे मॉनसून सीजन के दौरान बंगाल की खाड़ी के ऊपर बनने वाली यह छठी ऐसी प्रणाली होगी। मॉनसून के बाद की अवधि में भारी बारिश के कारण समग्र वर्षा की कमी में कमी आई है। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

रांची मौसम विज्ञान केंद्र के प्रभारी अभिषेक आनंद ने बताया कि पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बना है। अगले 48 घंटों के दौरान इसके और अधिक चिह्नित होने की संभावना है। सिस्टम के कारण 11 और 12 सितंबर को राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

उन्होंने कहा कि दक्षिण-पूर्वी, उत्तरी और मध्य झारखंड में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। इसका बड़ा असर पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में होगा। अगस्त में अच्छी बारिश के कारण मॉनसून के पहले दो महीनों में तेज बारिश की कमी कम हो गई है। 1 जून से 31 जुलाई तक राज्य में कुल वर्षा की कमी 49 प्रतिशत थी, जो 8 सितंबर को घटकर 26 प्रतिशत रह गई है।

इस अवधि के दौरान 866.2 मिमी की सामान्य वर्षा के मुकाबले 1 जून से 8 सितंबर तक 642.4 मिमी बारिश हुई। 24 जिलों में से सात में सामान्य बारिश हुई है, जबकि 15 जिलों में बारिश की कमी है और दो में गंभीर कमी है।

पाकुड़ 67 फीसदी बारिश की कमी के साथ सबसे बुरी तरह प्रभावित है, इसके बाद साहिबगंज में 62 फीसदी बारिश हुई है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button
%d bloggers like this: