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पैंगोंग त्सो में डिसइंगेजमेंट प्रक्रिया पूरी, कल दोनों देशों के बीच होगी 10वें दौर की चर्चा

India-China Standoff : केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने संसद को बताया था कि दोनों पक्ष पैंगोंग त्सो से पीछे हटने को तैयार हो गए हैं. उन्होंने जानकारी दी थी कि इस डिसइंगेजमेंट के बाद सेना के कमांडर लद्दाख (Ladakh) में जारी दूसरे मुद्दों को खत्म करने पर बातचीत करेंगे.

नई दिल्ली. पैंगोंग झील (Pan gong Lake) के दोनों किनारों पर डिसइंगेजमेंट (Disengagement) प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. खबर है कि शनिवार को भारत-चीन के बीच कमांडर स्तर की 10वें दौर की बैठक होने जा रही है. पहले कहा जा रहा था कि डिसइंगेजमेंट प्रक्रिया पूरी होने के 48 घंटों के भीतर दोनों देशों के बीच बैठक होगी. यह बैठक सुबह 10 बजे पैंगोंग झील के साउथ बैंक के चुशुल के पास मोल्डो (Moldo) में होगी. करीब 10 महीनों से जारी दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव कम होना शुरू हो गया है.

दोनों पक्षों ने पैंगोंग त्सो के किनारों से सैनिकों, तोपों और दूसरे उपकरणों को हटा लिया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, कल होने जा रही इस बैठक में दोनों देश देपसांग, हॉट स्प्रिंग्स और गोगरा पर डिसइंगेजमेंट पर चर्चा करेंगे. सामने आईं पैंगोंग त्सो की कुछ सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला था कि चीनी मिलिट्री कैंप हटा लिए गए हैं. ये कैंप्स बीती जनवरी से वहां मौजूद थे.

केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने संसद को बताया था कि दोनों पक्ष पैंगोंग त्सो से पीछे हटने को तैयार हो गए हैं. उन्होंने जानकारी दी थी कि इस डिसइंगेजमेंट के बाद सेना के कमांडर लद्दाख में जारी दूसरे मु्द्दों को खत्म करने पर बातचीत करेंगे. सरकार की तरफ से उस दौरान यह दावा भी किया गया था कि इस समझौते में भारत को किसी भी तरह का नुकसान नहीं हुआ है. संसद में रक्षामंत्री ने कहा था कि चीन के साथ डिसइंगेजमेंट को लेकर भारत की रणनीतिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशों पर आधारित थी कि हम हमारे क्षेत्र का एक इंच भी किसी को नहीं देंगे.

सीमा पर बीते साल अप्रैल में तनाव शुरू हो गया था. जब भारत ने आरोप लगाया था कि चीनी टुकड़ियां वास्तविक नियंत्रण रेखा के इस पार आ गई हैं. यह तनाव उस समय और ज्यादा बढ़ गया था, जब जून में लद्दाख की गलवान घाटी में हुई झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे. इसके बाद दोनों देशों के बीच कई बार बात हुई, लेकिन फरवरी तक किसी भी मुद्दे पर सहमति नहीं बन पाई थी.

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