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Monkey-B Virus से हुई पहली मौत, जानें क्या हैं इसके लक्षण

Monkey-B Virus से हुई पहली मौत, जानें क्या हैं इसके लक्षण

Monkey-B Virus : कोरोना महामारी का खतरा अभी टला भी नहीं है कि एक के बाद एक नई बिमारियों की इंट्री होते जा रही है. आपको ये तो याद ही होगा की कोरोना वायरस की शुरुआत कहां से हुई थी और ये कोरोना वायरस कैसे पूरी दुनिया पर अपना कब्जा कर लिया. अब एक बार फिर एक और वायरस से इंसान के संक्रमण और उससे उसकी मौत होने का मामला सामने आया है. पहले कोरोना ने गंभीर रुप लेकर करोड़ों लोगों की मौत का जिम्मेवार बन गया, तो अब इस वायरस ने सबकी चिंता बढ़ा दी है. यह वायरस कितना घातक है, इसका अंदाजा सिर्फ इस बात से लगाया जा सकता है कि इससे संक्रमित लोगों के मरने की दर 70 से 80% है.
53 साल के पशु चिकित्सक की मौत
दरअसल ये वायरस जिसकी हम बात कर रहे हैं ये वायरस का मामला भी चीन से ही आया है. बंदरों के जरिए फैलने वाले मंकी बी वायरस के संक्रमण की चपेट में आकर पशुओं के एक डॉक्‍टर की मौत हो गई है. मंकी बी वायरस का यह पहला मामला सामने आया है. जानकारी के अनुसार बीजिंग में जानवरों के एक डॉक्टर की मंकी बी वायरस से मौत का पहला मामला सामने आया है. हालांकि डॉक्टर के संपर्क में आए लोग अभी पूरी तरह सुरक्षित हैं. 53 साल का ये पशु चिकित्सक एक इंस्टीट्यूट में नॉन-ह्यूमन प्राइमेट्स पर रिसर्च कर रहा था. डॉक्टर ने मार्च में दो मृत बंदरों पर रिसर्च किया था. इसके बाद उसमें मतली और उल्टी के शुरुआती लक्षण नजर आए थे.
1 महीने में लक्षण नज़र आने लगते 
मरीज में, वायरस के संपर्क में आने के 1 महीने में लक्षण नज़र आने लगते हैं. कई बार ये लक्षण 3 से 7 दिनों में भी दिखाई दे देने लग जाते हैं. लक्षण कितनी तेज़ी से बढ़ता है ये संक्रमण कणों पर पर निर्भर करता है. हर्पीस बी वायरस या फिर मंकी वायरस आमतौर पर वयस्क मैकाक बंदरों से फैलता है. इसके अलावा रीसस मैकाक, सुअर-पूंछ वाले मैकाक और सिनोमोलगस बंदर या लंबी पूंछ वाले मैकाक से भी यह वायरस फैलता है. इसका इंसानों में पाया जाना दुर्लभ है, लेकिन अगर कोई इंसान इस वायरस से संक्रमित हो जाता है तो उसे तंत्रिका संबंधी रोग या मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी में सूजन की शिकायत हो सकती है.
ऐसे फैलता है ये वायरस 
बता दें कि ये वायरस इंसानों में आमतौर पर मैकाक बंदरों के काटने या खरोंच के बाद ही पहुंच सकता है. वायरस संक्रमित बंदर की लार, मल-मूत्र से भी फैल सकता है. इसके अलावा संक्रमित इंजेक्शन भी इसका एक ज़रिया हो सकता है. यह वायरस वस्तुओं की सतहों पर घंटों तक जीवित रह सकता है.
मंकी बी वायरस के लक्षण 
संक्रमण की जगह के पास फफोले पड़ जाना
घाव के पास दर्द होना, सुन्न हो जाना, खुजली होना
फ़्लू जैसा दर्द
मांसपेशीयों में अकड़न
सांस लेने में कठिनाई
बुखार और ठंड लगना
24 घंटे से अधिक समय तक सिरदर्द
थकान
पहले दिन से 3 सप्ताह तक सांस लेने में कठिनाई
संक्रमण बहुत अधिक है तो मृत्यु तक हो सकती है.
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