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Tatva Chintan IPO : खुल गया 500 करोड़ का इश्यू, जानिए कितने में मिलेगा शेयर

Tatva Chintan IPO : खुल गया 500 करोड़ का इश्यू, जानिए कितने में मिलेगा शेयर

डिलीवरी के अलावा अपने प्लेटफॉर्म पर विभिन्न रेस्टोरेंट के मेन्यू उपलब्ध कराने वाली कंपनी जोमैटो के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को लेकर निवेशकों का उत्साह कम नहीं हुआ है। ऐसे में आज एक और कंपनी के आईपीओ ने बाजार में दस्तक दे दी है। आज रसायन विनिर्माण क्षेत्र की कंपनी तत्व चिंतन फार्मा केम का 500 करोड़ रुपये का आईपीओ खुल गया है। यह 20 जुलाई को बंद होगा।

70 मिनट के भीतर हुआ पूरा सब्सक्राइब
आज खुलने के 70 मिनट के भीतर ही गुजरात की केमिकल कंपनी का आईपीओ पूरा सब्सक्राइब हो गया। खुदरा निवेशकों ने इसे हाथोंहाथ लिया। कंपनी ने आईपीओ से पहले 22 एंकर निवेशकों से 149.99 करोड़ रुपये जुटाए। वहीं 14 जुलाई को खुला जोमैटो का आईपीओ 75 मिनट के भीतर पूरा सब्सक्राइब हुआ था। इतना है प्राइस बैंड
इस आईपीओ के लिए प्राइस बैंड 1073-1083 रुपये प्रति इक्विटी शेयर तय किया गया है। आईपीओ के लिए कंपनी ने 13 शेयरों का लॉट साइज तय किया गया है। निवेशकों को कम से कम एक लॉट साइज के लिए बोली लगानी होगी। यानी निवेशकों को न्यूनतम 13,949 रुपये निवेश करने होंगे। आप अधिकतम 14 लॉट यानी 182 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। यानी इसमें अधिकतम 1,97,106 रुपये का निवेश किया जा सकता है।

खुदरा निवेशकों के लिए 35 फीसदी हिस्सा
इसमें 225 करोड़ रुपये के ताजा शेयर होंगे। मौजूदा निवेशक और प्रमोटर्स 275 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री करेंगे। इस आईपीओ में खुदरा निवेशकों के लिए 35 फीसदी हिस्सा आरक्षित रखा गया है। 50 फीसदी हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) और 15 फीसदी हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) के लिए आरक्षित है। ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयरों की बहुत मांग है। इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम इश्यू प्राइस से 690 रुपये यानी 64 फीसदी अधिक चल रहा है। दो दिन पहले यह प्रीमियम 525 रुपये था।

1996 में हुई थी स्थापना
तत्व चिंतन फार्मा केम की स्थापना 1996 में हुई थी। यह एक केमिकल मैन्युफैक्चरिंग कंपनी है जो स्ट्रक्चर डायरेक्टिंग एजेंट्स (एसडीए), फेज ट्रांसफर कैटेलिस्ट (पीटीसी), फार्मा एंड एग्रोकेमिकल इंटरमीडिएट्स और अन्य स्पेशियलिटी केमकिल्स तैयार करती है। आईपीओ से मिले पैसों का इस्तेमाल कंपनी अपनी दाहेज इकाई के विस्तार में आने वाला खर्च, वडोदरा स्थित शोध और विकास केंद्र के विकास में आने वाले खर्च व कंपनी की रोजमर्रा की जरूरतों में करेगी। इस कंपनी के ग्राहक ऑटोमोटिव, पेट्रोलियमस एग्रोकेमिकल्स, डाई व पिगमेंट्स, पेंट्स व कोटिंग्स, फार्मा और पर्सनल केयर समेत अन्य क्षेत्रों में हैं।

क्या है आईपीओ?
जब भी कोई कंपनी या सरकार पहली बार आम लोगों के सामने कुछ शेयर बेचने का प्रस्ताव रखती है तो इस प्रक्रिया को प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) कहा जाता है। आईपीओ में पैसा लगाकर निवेशक अच्छे पैसे कमा सकते हैं। पिछले साल कंपनियों ने प्राइमरी मार्केट से 31,000 करोड़ रुपये जुटाए। कुल 16 आईपीओ लॉन्च हुए, जिनमें से 15 की लॉन्चिंग दूसरी छमाही में हुई थी। 2019 के पूरे साल में 16 आईपीओ के जरिए 12,362 करोड़ रुपये जुटाए गए थे। 2018 में 24 कंपनियों ने आईपीओ से 30,959 करोड़ रुपये जुटाए थे। दरअसल, कोरोना वायरस महामारी घरेलू शेयर बाजार उबरने लगे हैं। इसे देखते हुए कंपनियां लगातार आईपीओ लॉन्च कर रही हैं।

80,000 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में 40 कंपनियां
मालूम हो कि आईपीओ बाजार में इस वर्ष 40 कंपनियां द्वारा आईपीओ के जरिए 80000 करोड़ रुपये जुटाने की संभावना है। इसमें से 30 कंपनियां पहले ही आईपीओ के माध्यम से 55 हजार करोड़ रुपये जुटाने के लिए दस्तावेज जमा करा चुकी हैं, जबकि 10 कंपनियों की इस महीने 25 हजार करोड़ रुपये जुटाने की योजना है।

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